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मलाबार ग्रुप ने किया ‘हंगर-फ्री वर्ल्ड’ कार्यक्रम का विस्तार; हर दिन पौष्टिक भोजन के 51,000 पैकेट का करेंगे वितरण
कोड़िकोड: जरूरतमंदों को प्रतिदिन पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने से जुड़े मलाबार ग्रुप के सीएसआर कार्यक्रम ‘हंगर-फ्री वर्ल्ड’ (भूख-मुक्त दुनिया) का विस्तार अधिक लोगों और शहरों तक किया जाएगा. मौजूदा वक्त में इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के तहत खाने के 31,000 पैकेट वितरित किए जा रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य 2- ‘जीरो हंगर’ कोसमर्थन प्रदान करने के लिए यह पहल की गई थी. इस कार्यक्रम का विस्तार करते हुए पौष्टिक खाने के 51,000 पैकेट वितरित किए जाएंगे.
मलाबार मुख्यालय में 28 मई को ‘वर्ल्ड हंगर डे’ के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में गोवा के राज्यपाल पी एस श्रीधरन पिल्लई ने विस्तार योजना की आधिकारिक शुरुआत की. मलाबार समूह के चेयरमैन एम पी अहमद ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की. विधायक पी टी ए रहीम ने ‘हंगर-फ्री वर्ल्ड डोनेशन’ गेटवे का उद्घाटन किया. आईपीआरएच दया रिहैबिलिटेशन ट्रस्ट के प्रोजेक्ट हेड डॉ बासित वडक्कायिल ने कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी और थोठाथिल रवींद्रन ने आधिकारिक न्यूजलेटर लॉन्च किया. पीके ग्रुप के चेयरमैन पी के अहमद और मातृभूमि के मैनेजिंग एडिटर पी वी चंद्रन ने शुभकामनाएं प्रेषित कीं. मलाबार ग्रुप के कार्यकारी निदेशक के पी वीरन कुट्टी ने भी कार्यक्रम में शिरकत की. मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स के मैनेजिंग डायरेक्टर (इंडिया ऑपरेशन्स) ने आगंतुकों का स्वागत किया. वहीं, मलाबार ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर निषाद ए के ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया.
वर्तमान में इस कार्यक्रम का क्रियान्वयन खाड़ी देशों के कुछ केंद्रों के साथ-साथ केंद्रशासित प्रदेशों समेत 16 राज्यों के 37 शहरों में किया जा रहा है. विस्तार के बाद कार्यक्रम के तहत 16 राज्यों के 70 शहरों में खाने के पैकेट वितरित किए जाएंगे. इसके अलावा, समूह ने अफ्रीकी देश जाम्बिया के स्कूली छात्रों के लिए भी इस कार्यक्रम की शुरुआत की योजना बनाई है. यह देश दुनियाभर में सोने के सबसे अधिक खनन के लिए जाना जाता है.
मलाबार समूह के चेयरमैन एम पी अहमद ने कहा, “हमारे आसपास आज भी ऐसे काफी सारे लोग हैं जिन्हें दिन में एक वक्त का पूरा भोजन जुटाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. दुनिया से भूख को खत्म करने के लिए काम कर रहीं सरकारों और एजेंसियों को छोटी सी मदद करने के लिए हमने इस कार्यक्रम की शुरुआत की है.”
‘हंगर फ्रीवर्ल्ड’ कार्यक्रम का क्रियान्वयन सामाजिक कल्याण से जुड़े जाने-माने एनजीओ ‘तनाल- दया रिहैबिलिटेशन ट्रस्ट’ के सहयोग से किया जा रहा है. इस कार्यक्रम के तहत विभिन्न स्थानों पर आधुनिक किचन बनाए गए हैं, जहां कुशल रसोइए साफ-सुथरे तरीके से पौष्टिक भोजन तैयार करते हैं. मलाबार ग्रुप और थानल के कार्यकर्ता सड़कों एवं शहरी उपनगरों में जरूरतमंद लोगों को चिह्नित करते हैं और उसके बाद उन तक खाने के पैकेट पहुंचाए जाते हैं.
एनजीओ के कार्यकर्ता भूख के सामाजिक एवं आर्थिक कारणों का पता लगाने के लिए लाभार्थियों का सर्वेक्षण भी कर रहे हैं. इस कार्यक्रम के तहत थानल के साथ मिलकर मलाबार ग्रुप ने गरीबऔरअनाथबुजुर्गमहिलाओंकीपहचानकरनेऔरउन्हेंमुफ्तभोजन, आवासऔर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्धकरानेकेलिए ‘ग्रैंडमा होम’ परियोजनापहलेहीशुरूकरदीहै. बेंगलुरु और हैदराबाद में इस तरह के दो ‘ग्रैंडमा होम्स’ स्थापित किए गए हैं. चेन्नई, कोलकाता, दिल्ली, मुंबई और केरल के कुछ चुनिंदा शहरों में इसी तरह के घर स्थापित करने की भी योजना है. इससे उपेक्षित और अनाथ महिलाओं को सम्मान के साथ अपना जीवन जीने का मौका मिलेगा. इस ग्रुप ने सड़क पर रहने वाले बच्चों की प्राथमिक शिक्षा को सपोर्ट करने के लिए माइक्रो-लर्निंग कार्यक्रम की भी शुरुआत की है.
इसके अलावा भी, मलाबार ग्रुप चिकित्सा के लिए वित्तीय मदद उपलब्ध कराने, छात्राओं को शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराने और भवन निर्माण के लिए आंशिक मदद जैसे सामाजिक कल्याण और परोपकार से जुड़े कई कार्यों में सक्रिय है. ग्रुप, मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स सहित अपनी विभिन्न इकाइयों से होने वाले मुनाफे का पांच फीसदी हिस्सा सामाजिक कल्याण से जुड़ी गतिविधियों के लिए सीएसआर फंड के रूप में निर्धारित करता है. ग्रुप सामाजिक कल्याण से जुड़े इस तरह के कार्यक्रमों पर पहले ही 246 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है.


